ग्रामीण की शिकायत के बाद जागा पशुपालन विभाग, निदेशक के हस्तक्षेप पर हुआ टीकाकरण
ग्रामीण की शिकायत के बाद जागा पशुपालन विभाग, निदेशक के हस्तक्षेप पर हुआ टीकाकरण इमलीखेड़ा/माजरी। माजरी गांव में फैल रही लिम्पी स्किन डिजीज के बीच पशुपालन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बीमारी की सूचना देने और अधिकारियों से संपर्क करने के बावजूद विभाग ने समय पर कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते पशुओं में संक्रमण फैलता रहा। ग्रामीण सुमित सैनी ने बताया कि गांव में कई पशुओं में लिम्पी बीमारी के लक्षण दिखाई देने के बाद उन्होंने संबंधित उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को कई बार फोन किया, लेकिन उनका फोन नहीं उठाया गया। इसके बाद उन्होंने विभाग के उच्च अधिकारियों से संपर्क कर समस्या से अवगत कराया। सुमित सैनी के अनुसार, शिकायत के बाद विभाग की ओर से एक डॉक्टर गांव पहुंची, लेकिन उन्होंने केवल तीन पशुओं का टीकाकरण किया और उसके बाद वापस लौट गईं। इससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि जब गांव में बड़ी संख्या में पशु बीमारी की चपेट में हैं तो केवल औपचारिकता निभाकर लौट जाना विभाग की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। ...