जंतर मंतर पर छात्र-छात्राओं पर लाठीचार्ज: एडवोकेट एम. जिया मलिक ने की निंदा, कहा—"लोकतंत्र में दमन की कोई जगह नहीं"
जंतर मंतर पर छात्र-छात्राओं पर लाठीचार्ज: एडवोकेट एम. जिया मलिक ने की निंदा, कहा—"लोकतंत्र में दमन की कोई जगह नहीं"
दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन और भूख हड़ताल कर रहे निहत्थे छात्र-छात्राओं पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन मनीष के राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट एम. जिया मलिक ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला कदम बताया है।
लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन: एडवोकेट मलिक ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां का संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का मौलिक अधिकार देता है। ऐसे में छात्रों पर बल प्रयोग करना पूरी तरह अनुचित है। भूख हड़ताल पर बैठे छात्र देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे थे। सरकार और प्रशासन को लाठीचार्ज करने के बजाय छात्रों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का शांतिपूर्वक समाधान निकालना चाहिए था।
लोकतंत्र की परिभाषा देते हुए उन्होंने कहा कि जनता को अपने चुने हुए प्रतिनिधियों से सवाल पूछने का पूरा अधिकार है, और छात्र अपनी शिक्षा के भविष्य को लेकर ही आवाज उठा रहे थे। यूनियन नेता ने दो टूक शब्दों में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लाठी के बल पर आवाज दबाने के लिए कोई जगह नहीं है, और इस तरह की घटनाएं बेहद शर्मनाक हैं।