भ्रामक प्रचार और षडयंत्रों पर भारी जनसेवा: 'अल्पसंख्यकों और सर्वसमाज के अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रहेगी'
भ्रामक प्रचार और षडयंत्रों पर भारी जनसेवा: 'अल्पसंख्यकों और सर्वसमाज के अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रहेगी'
लक्सर। उत्तराखंड सदन में जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने वाले जनसेवक ने विरोधियों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार और राजनैतिक द्वेष से प्रेरित षडयंत्रों का कड़ा खंडन किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज के पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों के हितों के लिए किए जा रहे कार्यों को दबाने के लिए कुछ लोग उनकी छवि धूमिल करने का असफल प्रयास कर रहे हैं।
मदरसा शिक्षा और जनहित के लिए सक्रिय प्रयास
बयान में कहा गया कि सर्वसमाज के साथ-साथ धार्मिक अल्पसंख्यकों (मुस्लिम समाज) के मदरसों और शैक्षणिक संस्थानों से जुड़ी समस्याओं को हमेशा गंभीरता से उठाया गया है। इसी कड़ी में 22 मार्च 2026 को हरिद्वार डैम कोठी पर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री के साथ मदरसा संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कराई गई थी, ताकि समस्याओं का सकारात्मक समाधान निकल सके।
भ्रामक खबरों का खंडन और सच्चाई
सोशल मीडिया और कुछ माध्यमों में चल रही खबरों को निराधार बताते हुए उन्होंने कहा:
"राजनैतिक द्वेष से प्रेरित कुछ लोग मेरी सामाजिक छवि को नुकसान पहुँचाने के लिए षडयंत्र रच रहे हैं। जिस घटना का उल्लेख किया जा रहा है, वह बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री अमित कुमार द्वारा की गई छापामार कार्यवाही का हिस्सा है और विभाग उसकी जांच कर रहा है। मेरा उस प्रकरण से कोई संबंध नहीं है।"
उन्होंने जनता को विश्वास दिलाया कि वे सच्चाई से भली-भांति परिचित हैं। आगे भी पूरी जिम्मेदारी, पारदर्शिता और मजबूती के साथ पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और सर्वसमाज के अधिकारों की आवाज़ बुलंद की जाती रहेगी। विरोधियों के दुष्प्रचार का उनकी जनसेवा के संकल्प पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
वहीं 22 मार्च 2026: अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री से मदरसा संचालकों की वार्ता कराई गई।
शिक्षा अधिकारी की कार्यवाही से जुड़े भ्रामक प्रचार को राजनीति से प्रेरित बताया।
सर्वसमाज और अल्पसंख्यकों के हक की लड़ाई जारी रखने का वादा।